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मदरसा फखरुल उलूम में जलसे का आयोजन, मुस्लिमों में बढ़ रही है बेदारी

PNN/ Faridabad: मदरसा फखरुल उलूम, (Madarsa Fakhrul Uloom) अरावली कॉलोनी नूह मदरसा के तालिब-ए-इल्म चल रहे इजलास में आगाज मौलाना मुस्तक़ीम अहमद असदी नाज़िम ने किया. इस दौरान मदरसे में बच्चों की दस्तार फरागत से नवाजा गया. 8 बच्चों का नाज़रा क़ुरआन मुकम्मल हुआ, मज़हर सुल्तान, अनस नफीस, साद अक़ील, अज़हर इब्राहिम, शमा इब्राहिम, सुमय्या साबिर, कैफा ज़ाकिर और फ़िज़ा इरफ़ान जिनकी दस्तारबंदी उलमा-ए-कराम और बड़े बुज़रूगों के हाथों द्वारा की गई.

Dabua Imam

PNN को दी जानकारी में मौलाना मुस्तक़ीम अहमद असदी ने बताया कि इम्तिहान में सबसे अधिक नंबर ज़ैद इसराईल ने 100 मे से 100 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर, दूसरे स्थान पर कैफा ज़ाकिर और तीसरे स्थान पर अल्तमश आमीन रहे. सबसे अधिक हाज़िरी और नमाज़ों की पाबंदी मशहूद सुल्तान ने की. सभी को इनामों से नवाज़ा गया.

आयोजित जलसे में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत हुए डबुआ-फरीदाबाद मस्जिद इमाम, मौलाना मुस्तक़ीम अहमद ने कहा कि इल्म वह चीज है जो आपको जिंदगी में आगे बढ़ाता है. उन्होंने मां बाप से अपने बच्चों को इल्म से रौशन करने की अपील भी की.
मौलाना दीन मोहम्मद और कारी साहून ने कहा कि धीरे-धीरे मुस्लिम समाज में भी इल्म के प्रति बेदारी आ रही है. उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले छात्रों से मुखातिब होकर कहा कि इल्म हासिल करने का अंत नहीं है. दिखावा और रस्मो-रिवाज को खत्म कर दीन और दुनियावी करने पर जोर दिया, सबसे अच्छी खिदमत वह है कि जिससे दीन की खिदमत हो.
कारी नोमान ने दुनिया में दीन की तालीम हासिल करने और अपने हुकूक जानने पर रोशनी डाली. मुल्क में अम्नो आमान और देश की तरक्की के साथ कौम की बेहतरी और कामयाबी की दुवाएं कराई गई. इस मौके पर ज़ैर सरपरसती मौलाना तय्यब हुसैन, ज़ैर सदारत मौलाना नसीम अहमद, मौलाना ताहिर, मौलाना शाहिद साहब, हाजी अहमद हसन, मास्टर साजिद, मास्टर खालिद, हाजी ऐजाज़, अब्दुल क़य्यूम, रोज़दार अहमद आदि आलिम-ए-दीन और स्थानीय लोग मौजूद रहे.

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Shafi-Author

Shafi Shiddique