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गांव छाँयसा में कोरोना मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज का शुभारंभ, पुरुषों व महिलाओं के लिए इतने बेड आरक्षित

PNN/ Faridabad: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि देश पर जब-जब भी कोई आपदा आई है भारतीय सेना हमेशा ढाल बनकर खड़ी रही है। चाहे देश की सीमाओं की रक्षा की बात हो या फिर देश में आज कोरोना जैसी आपदा में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात रही हो भारतीय सेना ने हमेशा आगे बढ़कर मदद की है। केंद्रीय राज्य मंत्री मंगलवार को जिला के गांव छायंसा में अटल बिहारी वाजपेई कोविड-19 मेडिकल कॉलेज (Atal Bihar Vajpayee Covid-19 Medical College) के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि 100 ऑक्सीजन बैड के इस कोविड-19 अस्पताल का संचालन भारतीय सेना की वेस्टर्न कमांड द्वारा किया जा रहा है। इसमें 65 बेड पुरुषों के लिए व 35 बेड महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। जल्द ही इस अस्पताल में 35 वेंटीलेटर बेड भी लगाए जाएंगे।                     उन्होंने कहा कि देश में आई कोविड-19  वैश्विक महामारी की आपदा कोराना से निपटने के लिए सेना के अधिकारी और जवान निरंतर कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल की सारी व्यवस्था भी भारतीय सेना की वेस्टर्न कमांड द्वारा की गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि फिलहाल 100 बैडो की  कोविड-19 मेडिकल कॉलेज   मरीजों की व्यवस्था अटल बिहारी कोविड-19 मेडिकल कॉलेज में की गई है।  इस मेडिकल कॉलेज में 30 वेंटीलेटर की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल के लिए 300 ऑक्सीजन गैस के सिलेंडरों की व्यवस्था की गई है। यहां 24 घण्टे एबुलेंस सेवा, ऑक्सीजन की सुचारू व्यवस्था का संचालन भी अस्पताल परिसर में किया गया है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद के साथ-साथ पूरे एनसीआर क्षेत्र को इसका लाभ लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर प्रदेश के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने मेडिकल कॉलेज शुरू होने पर बधाई दी और कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आपदा के समय में बेहतरीन सुविधाएं मिल सकेंगी।

उपायुक्त यशपाल ने कहा कि अटल बिहारी कोविड-19 मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन गैस की सप्लाई प्रशासन द्वारा हर संभव मदद भारतीय सेना को दी जाएगी और कोविड-19 अस्पताल मे 30 वेंटीलेटर बेड भी आ गए हैं। डीसी यशपाल ने कहा कि प्रथम चरण में यह 100 बेड का कोविड-19 अस्पताल बनाया गया है। अगले एक माह में 100 बेड की व्यवस्था और इस अस्पताल में की जाएगी ताकि कोरोना के उपचार की बेहतर चिकित्सा सुविधा लोगों को यहां मिले। इस अस्पताल को मात्र दो सप्ताह में तैयार करके किया गया है। उन्होंने कहा कि आज मंगलवार को अस्पताल का पूर्ण रूप से संचालन कर दिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि इस अस्पताल में कोराना के मरीजों का प्राथमिक  उपचार किया जाएगा। यहां से रेफर होने वाले मरीजों को ईएसआई मेडिकल कॉलेज एनआईटी-5 फरीदाबाद में रेफर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी  कोविड-19 मेडिकल कॉलेज में जिला चिकित्सा विभाग की टीम भी सहयोग करेगी परन्तु कंट्रोल यहां पर सेना के चिकित्सा अधिकारियों का होगा। उपायुक्त यशपाल ने आश्वासन दिया है कि अटल बिहारी कोविड-19 मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इस अस्पताल के तीन वार्डों के हर बेड को ऑक्सीजन लाइन से जोड़ दिया गया है। मरीजों के उपचार के लिए सारा काम सेना द्वारा किया गया है।

इस अवसर पर भारतीय सेना के  लैफ्टिनेंट जरनल मनजिंदर सिंह वाईएसएम वीएसएन सीओएस वेस्टर्न कमांड ने कहा कि भारतीय सेना के चिकित्सकों का कोविड-19 के इलाज को लेकर अनुभव रहा है। उन्होंने कहा कि हम यहां लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा देने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल 10 डॉक्टरों की टीम अन्य नर्सिंग स्टाफ पूर्ण रूप से आर्मी का होगा। स्थानीय चिकित्सा विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल अस्पताल में 300 गैस सिलेंडर उपलब्ध है। इसके अलावा अस्पताल में 400 गैस सिलेंडर जरूरत के हिसाब से रखे जाएंगे।

इस अवसर पर  विधायक सीमा त्रिखा, विधायक नरेंद्र गुप्ता, जिला डीसीपी डा अर्पित जैन, एसडीएम परमजीत चहल, अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर पवन गोयल, ज्वाइन डायरेक्टर डॉक्टर गुलशन अरोड़ा, मेजर जनरल संजय हुड्डा जीओसी 9 इन्फेंट्री डिविजन सहित सेना के कई अधिकारी व जिला चिकित्सा विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सेना के अधिकारियों व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने आपस में औपचारिक मुलाकात करके एक दूसरे के साथ सुझाव भी साझा किए तथा मेडिकल कॉलेज के तीनों वार्डों, लेब और ओपीडी का निरीक्षण भी बारिकी से किया गया।

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Shafi-Author

Shafi Shiddique