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अरावली अवैध खनन मामला: जल्द दुबारा फ़ाइल होगी अधिकारियों के खिलाफ कंटेम्प्ट याचिका: एलएन पाराशर

PNN/ Faridabad: अरावली पर अवैध खनन को लेकर बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एलएन पाराशर द्वारा दायर की गई याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जहाँ-जहाँ अवैध खनन हो रहा है वहाँ की खसरा-खतौनी याचिका के साथ फ़ाइल की जाए और अब तक अवैध खनन के जितने भी मामले दर्ज किये गए हैं सबके एफआईआर नंबर याचिका के साथ दिए जाएँ।

इसपर एलएन पाराशर ने कहा कि वह एक हफ्ते के अंदर सभी कागजात एकत्रित कर फिर याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि एक साल में ही खनन माफियाओं पर लगभग एक दर्जन मामले दर्ज किये गए हैं, जिनमे कुछ एफआईआर नंबर उनके पास हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर नंबर 316, 299, 209, 297, 295 के कागजात उनके पास आ चुके हैं जिनमे खनन विभाग ने एफआईआर नंबर 316 में खसरा खेवट नंबर खोले हैं बाकि मामलों में खनन विभाग ने खनन माफियाओं को बचाने का प्रयास किया है और मामले को गोलमोल किया गया है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पहले फ़ाइल की गई याचिका को लिबर्टी के साथ विड्रा कर लिया गया है जिसकी कंटेम्प्ट पिटीशन ( C ) No. 621/2019 थी। सुप्रीम कोर्ट ने दुबारा याचिका फ़ाइल करने की परमीशन दी है।

वकील पाराशर ने कहा कि वह इसी हफ्ते अवैध खनन की तस्वीरें, वीडियो और दर्ज एफआईआर के खसरा नंबर के साथ सुप्रीम कोर्ट में फिर याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भी खनन माफियाओ को बचाने का प्रयास कर रही है लेकिन खनन माफिया ज्यादा दिन तक चैन की साँस नहीं ले सकेंगे और अरावली पर जिन अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन चल रहा है उन अधिकारियों पर भी कार्यवाही करवाने का प्रयास करेंगे।

पाराशर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक और आदेश देते हुए कहा था मुख्य सचिव हरियाणा 48 घंटे के अंदर दिल्ली-हरियाणा बार्डर के पांच किलोमीटर के अंदर हरियाणा की तरफ कहीं भी अवैध निर्माण व अवैध खनन हो रहा हो तो तुरंत रुकवाया जाए। लेकिन अभी तक इस आदेश की भी धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं और हरियाणा की तरफ पांच किलोमीटर के दायरे में कई अवैध निर्माण जारी हैं। उन्होंने कहा कि अरावली पर लगातार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना हो रही है।

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Shafi-Author

Shafi Shiddique