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पूर्व सैन्य अधिकारियों का आरोप सरकार कर रही भेदभाव

PNN/Faridabad: अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए पूर्व सैन्य अधिकारियों को भी मजबूर होकर सरकार के खिलाफ होना पड़ रहा है। बता दें कि पाकिस्तान के साथ वर्ष 1965 व 1971 की जंग लड़ चुके सैन्य अधिकारियों ने अपनी पैंशन और मेडिकल सुविधाओं के लिए केंद्र सरकार से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन उनका आरोप है कि ना तो सरकार ने उनकी मांगों को सुना है और ना ही उनको सरकार से न्याय मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। जिस कारण आहत होकर शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया।

पूर्व सैन्य अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली एसएससी एक्स सर्विसमैन के प्रतिनिधि कैप्टन जसपाल सिंह ने शनिवार को आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाए कि पैंशन और मेडिकल सुविधाएं देने में भेदभाव किया जा रहा है। 

उनका कहना है कि वृद्धावस्था होने के कारण उन्हें कई बीमारियों ने जकड़ा हुआ है, जिसका सैन्य अधिकारी इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं। इलाज के नाम पर जो सुविधाएं मिल रही हैं, वे पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने वन रैंक वन पैंशन स्कीम की तर्ज पर सेना के दूसरे नियमित अधिकारियों की तरह पैंशन व मेडिकल सुविधाएं देने की मांग भी की है। 

सेना के अस्पतालों में नहीं मिल रही इलाज की सुविधा उन्होंने बताया कि सेना में 5, 10 या 14 साल तक सेवा करने और कई अभियानों में भाग लेने के बाद भी अधिकारी पेंशन और मेडिकल सुविधाओं के हकदार नहीं होते, जबकि एक आम नागरिक को भी केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाओं का लाभ देती है लेकिन सेवानिवृत सैन्य अधिकारियों के लिए ऐसी कोई सुविधा नहीं है। 

इस सिलसिले में संस्था के प्रतिनिधि कई बार रक्षा मंत्री और चीफ आर्मी स्टाफ से भी मिल चुके हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाय आज तक सुविधा के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिला है। एसएससी के अधिकारी सेना अस्पताल में अपना इलाज नहीं करा सकते। उन्हें 65-70 साल की उम्र में अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए निम्न दर्जे का काम करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। 

इस मौके पर कैप्टन गुलाटी, कैप्टन हरीश गुलाटी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों को भी सरकार 25 हजार रुपए मासिक पैंशन दे रही है, उनकी मृत्यु हो जाने के बाद उनके परिजनों को भी पैंशन का लाभ मिल रहा है। आपातकाल में बंद हुए लोगों को भी पैंशन मिल रही है। फिर एसएससी एक्स सर्विसमैन को पैंशन का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा। इस अवसर पर पूर्व सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। 

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Shafi-Author

Shafi Shiddique