Post

बैंक हड़ताल के पहले दिन ही ठप हुआ एसबीआई एटीएम सर्वर

PNN/Faridabad:एक तरफ बैंकों में अवकाश है और दूसरी तरफ देश के सबसे बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(एसबीआई) के एटीएम व कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) हैंग हो गई हैं। बैंक अवकाश में बंद एटीएम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को चिढ़ाते हुए लग रहे हैं। बता दें कि  उदयपुर के एसबीआई  एटीएम सर्वर ठप हो गई  उनसे ना तो शनिवार को न तो राशि निकली और ना ही जमा हुई। जिस कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद एटीएम के हालात सुधरे लेकिन सीडीएम शाम तक बंद रही। 

एसबीआई के सर्वर में शुक्रवार रात करीब नौ बजे से ही दिक्कत शुरू हो गई। उदयपुर में एसबीआई के एटीएम ने शुक्रवार रात से ही राशि निकलना और जमा करना बंद कर दिया। ऐसे में लोगों ने शनिवार सुबह तक व्यवस्था दुरुस्त हो जाने का इंतजार किया, लेकिन शनिवार दोपहर तक भी एसबीआई के एटीएम सुचारू नहीं हो सके थे। दोपहर बाद एटीएम चालू हुए लेकिन सीडीएम की कैश ट्रे भर जाने के कारण अब पैसा जमा कराने के लिए सोमवार तक इंतजार करना होगा।

बैंकों की पांच दिन की छुट्टियों की शुरुआत ही शुक्रवार से हुई और पहले ही दिन एटीएम हैंग हो गए। यह स्थिति दर्शाती है कि बैंक ऑनलाइन व एटीएम सेवाओं के नाम पर ग्राहकों से शुल्क तो जमकर वसूल रहे हैं, लेकिन व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने में खर्च कुछ भी नहीं कर रहे हैं। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी देश को डिजिटल इंडिया बनाने का आह्वान कर रहे हैं, दूसरी ओर अवकाश के दिनों में यह स्थिति बैंकों के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। 

एटीएम और कैश डिपोजिट मशीन से परेशानी उन छोटे व्यापारियों के लिए हो गई है जो नियमित रूप से राशि एटीएम में जमा कराते हैं। पैसा नहीं निकलने से भी लोग दूसरे बैंकों के एटीएम की तरफ रूख कर रहे हैं। हर तरफ यही चर्चा है कि एसबीआई सबसे बड़ा बैंक होने का दावा करता है, लेकिन इतने लम्बे अवकाश में आपातकालीन स्टाफ की व्यवस्था क्यों नहीं करता, जबकि शुल्क वह सुविधा देने का ही दे रहा है। 

इधर, कई ई-मित्र संचालक भी एसबीआई बंद होने से परेशान हैं। कई क्षेत्रों में बिलों के भुगतान की अंतिम तारीख होने से लोग बिल जमा कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन बैंकों में राशि जमा नहीं हो पाने के कारण ई-मित्र संचालकों के खातों में बैलेंस नहीं हैं, जिसके चलते वे बिल जमा करने में असमर्थता जता रहे हैं।

Sharing Is Caring
Shafi-Author

Shafi Shiddique