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दलित छात्रा की हत्या को लेकर बसपा कर्यकर्ताओं ने फूंका CM योगी का पुतला

प्रदेश में हो रहे घटनाओं की जिम्मेवार CM योगी: रतनपाल चौहान

PNN/ Faridabad: आगरा में एक दलित छात्रा की सनसनीखेज हत्या की वारदात पर बसपा पार्टी देशव्यापी आंदोलन कर रही है। इसी कड़ी में आज बसपा पार्टी के फरीदाबाद जिला अध्यक्ष रतनपाल चौहान ने सैकड़ों बसपा कार्यकर्ताओं के साथ रैली निकालकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए बीके चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।


रतनपाल चौहान ने कहा कि यूपी पुलिस के सारे दावों की हवा निकल गई है. बात-बात पर एनकाउंटर करने वाली योगी की पुलिस फेल हो गई है. एक मासूम बेगुनाह लड़की को सरेआम सड़क पर जला दिया जाता है और उसके कातिल हफ़्तों बीत जाने के बाद भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं. और उस पर इंसानियत को शर्मसार करने वाली बात यह है कि दलित छात्रा की मौत पर सियासत करने वाले तमाम नेता उसके घर जाकर अफसोस जता रहे हैं. लेकिन उसके घरवालों का हाल कोई नहीं जानना चाहता. नेता पीड़ित परिवार के वहां सिर्फ तस्वीरें खींचाने के लिए भीड़ लेकर जाते हैं।
रतनपाल ने दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें फांसी पर लटकाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्याही नहीं की गयी तो मनचले किस्म के लोगों के मन बढ़ जायेगा जिससे बेटियों और महिलाओं के साथ अत्याचार होता रहेगा। रतनपाल चौहान ने योगी सरकार को पूरी तरह से फलाप बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जबसे भाजपा की सरकार बनी है तबसे प्रदेश भिन्न भिन्न घटनाओं की वजह से बदनाम होता रहा है। रतनपाल चौहान ने कहा कि भरे बाजार में एक मासूम के साथ इतनी बड़ी घटना हो जाती है, इस घटना ने देश को झकझोर के रख दिया लेकिन मुख्यमंत्री योगी दोषियों के खिलाफ अभी तक कुछ नहीं कर पाए। रतनपाल चौहान ने उत्तर प्रदेश में हो रहे घटनाओं की जिम्मेवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया और कहा कि जनता योगी सरकार से पूरी तरह से तंग आ चुकी है, इसकी खामियाजा भाजपा सरकार को आगे चुकानी पड़ेगी।

ये था पूरा मामला

आगरा के लालउ गांव में 18 दिसंबर की दोपहर भीड़ भाड़ वाली सड़क के बीचों-बीच 14 साल की संजलि नामक छात्रा पर 2 अज्ञात हमलावरों ने कोई ज्वलनशील पदार्थ फेंका, आग लगाई और फरार हो गए. वारदात के वक्त तकरीबन 2 बजे संजलि अपने स्कूल से घर की तरफ लौट रही थी.

वो सड़क 24 घंटे व्यस्त रहती है और वारदात के दिन भी वहां बहुत भीड़ थी. लेकिन हैरानी की बात है कि किसी ने भी हमलावर को नहीं देखा. संजलि हमले के बाद वहां काफी देर तक तड़पती रही. संजलि को जिंदा जला दिया गया. गंभीर हालत में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया. जहां उसने दम तोड़ दिया.

वारदात के बाद पुलिस ने संजलि के चचेरे भाई से पूछताछ की. दूसरे दिन उसने भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली. परिवार वालों का आरोप है पुलिस ने भाई को टार्चर किया. इसलिए उसने ऐसा कदम उठाया. पुलिस आत्महत्या की जांच भी कर रही है. पुलिस का दावा है की उसके हाथ कुछ सुराग लगे हैं. जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा.

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Shafi-Author

Shafi Shiddique