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रेलवे ने लिया एक बड़ा फैसला, जाने इस फैसले का क्या असर होगा आप पर

PNN/Faridabad: भारतीय रेल में ठंडे बस्ते में पड़े एक काम को पूरा करने की हलचल शुरू हो गई है। इससे रेलवे में भ्रष्टाचार को रोकने में बड़ी मदद मिल सकती है। भारतीय रेल में संवेदनशील पदों पर लंबे समय से बैठे अधिकारियों को अपना बोरिया बिस्तर बांधना पड़ सकता है। रेलवे बोर्ड के विजिलेंस विभाग के प्रिंसिपल एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर सुनील माथुर ने इस संदर्भ में पत्र जारी किया है। रेल मंत्रालय और इसके अधीन सभी कंपनियों में जो अधिकारी 4-5 साल या उससे ज़्यादा समय से संवेदनशील पदों पर तैनात हैं उनकी सूची तैयार की गई है और अब इस पर अंतिम फैसला लेकर इनके तबादले की प्रक्रिया शुरू होगी। सूत्रों के मुताबिक क़रीब 200 अधिकारी लंबे समय से ऐसे पदों पर बैठे हैं।

दरअसल सेंट्रल विजिलेंस कमीशन के आदेश के मुताबिक देश भर में संवेदनशील पदों पर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पदों से हटा देना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में बड़ी मदद मिल सकती है। इसी के मद्देनज़र रेलवे विज़िलेंस ने सभी ज़ोनल रेलवे और रेल मंत्रालय के सभी पीएसयू के जनरल मैनेजरों को ऐसे अधिकारियों की सूची फौरन भेजने का आदेश जारी किया है ताकि उनका तबादला किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक इस कदम से कई अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

वहीं रेल यूनियन इस कदम से काफी खुश नज़र आ रहा है। एआईआर एफ​ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने न्यूज़ 18 इंडिया को बताया कि सीवीसी के आदेश के मुताबिक कर्मचारियों का तो तबादला हो जाता था लेकिन ऐसे पदों पर 14-15 साल से एक अधिकारी बैठा रह जाता है. वो कुछ न कुछ जुगाड़ लगाकर अपने पद पर बना रह जाता है. इसलिए ज़रूरी है कि इस तरह का कदम उठाया जाए

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Shafi-Author

Shafi Shiddique