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केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए भाजपा सरकार का तोहफा

PNN/Faridabad: नेशनल पेंशन स्कीम में बदलाव के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी। कल हुई कैबिनेट की बैठक में ये फैसला किया गया है। हालांकि अभी चुनाव के चलते इसका ऐलान नहीं किया गया है।नेशनल पेंशन स्कीम में पुरानी सुविधाएं शामिल कर ली गई हैं। इसके साथ ही किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नई एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पॉलिसी और पीएफसी, आरईसी के अधिग्रहण प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। यह सरकार ने केंद्र और राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए तोहफा दिया है।

सरकार ने गुरुवार को नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में अपना योगदान बढ़ाकर मूल वेतन का 14 प्रतिशत कर दिया। यह फिलहाल 10 प्रतिशत है। हालांकि कर्मचारियों का न्यूनतम योगदान 10 प्रतिशत बना रहेगा। मंत्रिमंडल ने कर्मचारियों के 10 प्रतिशत तक योगदान के लिए आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत कर प्रोत्साहन को भी मंजूरी दी। फिलहाल सरकार और कर्मचारियों का योगदान एनपीएस में 10-10 प्रतिशत है।कैबिनेट ने एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट पॉलिसी 2018 को मंजूरी दे दी है। जिसके तहत एग्रो एक्सपोर्ट दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पॉलिसी में 2022 तक एक्सपोर्ट 60 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके अलावा एग्रो एक्सपोर्ट पॉलिस के लिए 14000 करोड़ रुपये की मंजूरी भी मिल गई है। इस बैठक में फाइनेंशियल इंटेलिजेंस के मॉडल करार और दूसरे देशों के साथ समझौते के लिए मॉडल करार को भी मंजूरी मिल गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय कुल जमा रकम में से 60 प्रतिशत निकालने की मंजूरी दी गई जो फिलहाल 40 प्रतिशत है। सूत्रों ने कहा कि साथ ही कर्मचारियों के पास निश्चित आय उत्पादों या शेयर इक्विटी में निवेश का विकल्प होगा।उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक अगर कर्मचारी रिटायरमेंट के समय एनपीएस में जमा रकम का कोई भी हिस्सा निकालने का निर्णय नहीं करता है और 100 प्रतिशत पेंशन योजना में हस्तांतरित करता है तो उसकी पेंशन अाखिरी बार मिलने वाले वेतन का 50 प्रतिशत से ज्यादा होगी। सरकार ने राजस्थान में शुक्रवार को होने वाले चुनाव के मद्देनजर इस फैसले की घोषणा नहीं की। सूत्रों ने कहा कि सरकार को अभी नई योजना की अधिसूचना की तारीख के बारे में निर्णय करना है।

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Shafi-Author

Shafi Shiddique